एनएफआरए-केएससीएए का बेंगलुरु आउटरीच प्रोग्राम, ऑडिट गुणवत्ता पर फोकस
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एनएफआरए और केएससीएए ने बेंगलुरु में आउटरीच प्रोग्राम आयोजित कर ऑडिट गुणवत्ता, इंस्पेक्शन फ्रेमवर्क और वित्तीय रिपोर्टिंग सुधार पर चर्चा की।
दिल्ली/ देश में वित्तीय पारदर्शिता और ऑडिट गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) और कर्नाटक स्टेट चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एसोसिएशन (केएससीएए) ने बेंगलुरु में एक दिवसीय आउटरीच प्रोग्राम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऑडिट प्रैक्टिस को मजबूत बनाना, पेशेवर क्षमता बढ़ाना और बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग इकोसिस्टम के निर्माण को गति देना रहा।
10 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “बेहतर वित्तीय रिपोर्टिंग इकोसिस्टम बनाना” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में ऑडिट प्रैक्टिशनर्स ने भाग लिया। इसमें स्मॉल एंड मीडियम प्रैक्टिस (SMP) से जुड़े चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के साथ-साथ बड़ी ऑडिट फर्मों के वरिष्ठ पेशेवर भी शामिल हुए।
कार्यक्रम का उद्घाटन एनएफआरए के अध्यक्ष श्री नितिन गुप्ता ने किया। उन्होंने भारत के आर्थिक विकास में चार्टर्ड अकाउंटेंसी पेशे की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारतीय ऑडिट फर्मों को अपनी क्षमताओं को निरंतर उन्नत करना होगा। विशेष रूप से जटिल और बड़े संस्थानों के ऑडिट में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और पेशेवर निर्णय क्षमता को मजबूत करना आवश्यक है।
एनएफआरए के पूर्णकालिक सदस्य श्री पी. डेनियल ने ऑडिट इंस्पेक्शन फ्रेमवर्क पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनएफआरए द्वारा किए जाने वाले इंस्पेक्शन केवल नियामक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि ऑडिट फर्मों के लिए एक महत्वपूर्ण फीडबैक मैकेनिज्म का कार्य करते हैं, जिससे सिस्टम, प्रक्रियाएं और पेशेवर विवेक सुदृढ़ होता है।
आउटरीच प्रोग्राम के तकनीकी सत्रों में ऑडिट स्ट्रेटेजी डॉक्यूमेंटेशन, ऑडिट सैंपलिंग, मटेरियल मिसस्टेटमेंट का जोखिम और ऑडिट के समापन जैसे व्यावहारिक विषयों पर गहन चर्चा की गई। इन सत्रों का उद्देश्य रोज़मर्रा की ऑडिट प्रैक्टिस में गुणवत्ता सुधार के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना रहा। एनएफआरए द्वारा इससे पहले हैदराबाद और इंदौर में आयोजित ऐसे कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत यह पहल देशभर में पेशेवर क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।